गर्मी के मौसम की एक प्रमुख समस्या रिंगवर्म है,जिसे सामान्य भाषा में दाद भी कहते हैं, इसका तकनीकि नाम टीनिया हैय.शरीर में किस अंग पर ये होता है उस हिसाब से इसके अलग अलग नाम हो सकते हैं.जैसे Tinea corporis(शरीर ),T capitis(सिर में),T.pedis(पांव पर),T.manum(हाथ में),Tinea cruris कहते हैं Onychomycosis(नाखुन में )इत्यादि विभिन्न नामों से जाना जाता है.उइसको रिंवर्म इसलिए कहते हैं कि जब यह शरीर पर पूरी तरह बन जाता है ,तो इसका बाहरी हिस्सा एक उभरे हुए गोले की तरह दिखाई देता है.इसको dhobi itch भी कहते है जो कि अंग्रेजों के जमाने में धोहबियों के के कपङे गीले रहने की वजह से हो जाती थी तो उनकी अंग्रेज साहबों द्वारा दिया गया नाम है.
अधिकतम मरीजों में यह काछों(Groin) में में होता जिसे Tinea cruris कहते हैं .अक्सर गरमि ओर नमी के मौसम में छोटे छोटे लाल रंग के लाल रं के निशान जैसे बनते हैं जो धीरे धीरे बङे बङे होते चले जाते हैं .ये निशान बङे होने के साथ अन्दर से साफ होते जाते हैं और अंततः एक गोला बन जाता है जिसके लिए इसा रिंग वर्म कहते हैं इसमें .जबरदस्त खुजली चलती है और जलन होती है .इस समय यदि उपचार नहीं लिया जाये तो फिर यह धीरे धीरे फैलता हुआ काफी दूरी तक फैल .बाकी शरीर पर तो ये एक ही प्रकार का होता है पर कई बार
तक अक्सर इस समय मरीज बाजार में तुरन्त आराम का दावा करने वाली कोई न कोई दवा खरीदकर लगा लेते हैं जो कुछ समय तक तो आराम देती है पर उस के बाद समस्या को बढाना शुरू कर देती है.जैसा पहले
Tinea cruris---काछों में होने वाला फंगल संक्रमण,दोनों तरफ एक साथ होता है.गर्मी ओर नमी हो और यदि गाढे कपङे पहने जाएं तो इस रोग के होने की आदर्श स्थिति है.जलन और खिजली कई बार इतना अधिक होती है कि यहां से छिल जाता है और भयंकर जलन करता है .अक्सर 10-12 साल की आयु के बाद होता है.
Tinea capitis--सिर के बालों में होने वाला कवक संक्रमँ ,12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के ये होता है,दिखने में यह बालों में एकदम रूसी जैसा दिखाई देता है,पर ध्यान रहे बच्चों में होने वाली सामान्य रूसी को भी टी केपिटिस की रह उपचार किया जाता है.क्यों कि अधिकतम बार रूसी के रूप में टीनिया ही होता है.कई बार यह जीवाणु संक्रमण के कारण काफी सूज जाता है तब इसे kerion कहते हैं यह थोङी मुश्किल चीज होती है और समय पर तरीके से उपचार नहीं किया गया तो यह बङा घाव कर देती है.उपचार समय पर करने के बाद भी कऊई बार बाल वापिस नहीं आते, इसलिए बच्चों में यदि रूसी दिखाइ दे तो तुरन्त चर्म रोग विशेषग्य से संपर्क करना चाहिए.
Onychomycosis---नाखून में हीने वाला संक्रमण अधिकतर हाथ की अंगुलियों में होता है.वे लोग जिनके हाथ लम्बे समय तक गीले रहते हैं जैसे गृहिणियां ,होटल रेस्टोरेन्ट पर काम करने वाला,पशुपालक इत्यादी,नाखून के आस पास त्वचा की जो खांच(nail fold) बनी होती है वह सूज जाती है और उसमें मवाद आने लगती है,
Tinea barbae पुरूषों के दाढी में होने वाले सेक्रमँण को tinea barbae कहते हैं.इसमें भी जबरदस्त सूजन आकर मोटी मोटी मवाद वाली गांठें हो जाती है.और खींचने मात्र से बाल बाहर आ जाते हैं
उपचार और सावधानिया अगले अंक में



